विजयभाई ने कभी अपना कार्यकर्तापन नहीं खोया। जिम्मेवारी बड़ी थी, छोटी थी, उनका कार्यकर्तापन हमेशा सजीव रहा। और स्वभाव ऐसा की वो पहले ही वाक्य से कार्यकर्ता से कनेक्ट हो जाते। मैं महसूस करता हूं कि सही मायने में उन्होंने कार्यकर्तापन को जिया है। – राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री जगत प्रकाश नड्डा जी